लखनऊ/उत्तर प्रदेश:
उत्तर प्रदेश पुलिस की दरोगा भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक सवाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सामान्य हिंदी के प्रश्नपत्र में पूछे गए एक प्रश्न में ‘अवसर के अनुसार बदलने वाला’ वाक्यांश के लिए एक शब्द चुनने को कहा गया था, जिसके विकल्पों में ‘पंडित’ शब्द भी शामिल था। इसे लेकर ब्राह्मण समाज के लोगों और कई संगठनों ने नाराजगी जताई है।
प्रश्नपत्र में यह सवाल 31 नंबर पर था। इसमें चार विकल्प दिए गए थे—
सदाचारी
पंडित
अवसरवादी
निष्कपट
इसमें ‘पंडित’ को विकल्प के रूप में शामिल किए जाने को लेकर लोगों ने इसे ब्राह्मण समाज का अपमान बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई।
इस मामले को लेकर भाजपा प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्र ने मुख्यमंत्री से शिकायत की है और कहा है कि यह प्रश्न विशेष समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने इस पर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश के डिप्टी सीएम ने कहा कि किसी भी समाज या वर्ग का अपमान स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरह की गलती की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
उधर, दरोगा भर्ती परीक्षा से जुड़ा एक प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। इस मामले में लखनऊ के हुसैनगंज थाने में 13 और 14 मार्च को कुल 7 एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
