सिंदुरिया (महाराजगंज)।
जनपद के थाना सिंदुरिया अंतर्गत ग्राम पंचायत लक्ष्मीपुर एकडंगा में एक 13 वर्षीय नाबालिग अनुसूचित जनजाति (गोड़) समाज की बालिका के साथ हुई दरिंदगी की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। घटना को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है और सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बनी हुई है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और आरोपी के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग को लेकर संभ्रांत नागरिकों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को पत्र सौंपकर त्वरित कार्रवाई की गुहार लगाई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लक्ष्मीपुर एकडंगा निवासी एक व्यक्ति की 13 वर्षीय पुत्री को दिनांक 5 जून 2026 को दिन में करीब 12:00 बजे गांव के ही 25 वर्षीय युवक इरफान पुत्र साकिर अली ने जबरन अगवा कर लिया। आरोप है कि युवक ने नाबालिग के साथ हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इस खौफनाक घटना के बाद से पीड़ित बालिका का परिवार गहरे सदमे और दहशत में है।
इलाके में भारी आक्रोश, सांप्रदायिक माहौल तनावपूर्ण
इस घटना की खबर फैलते ही आम जनमानस में उबाल आ गया है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था भंग होने का खतरा मंडरा रहा है। काशीनाथ सिंह, विशाल पुष्कर, विनय सिंह, ओस यादव, संजय जायसवाल, सनी, संजय यादव और भारत शुक्ला समेत क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोगों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि दोषियों को कड़ा सबक नहीं सिखाया गया, तो जनता चुप नहीं बैठेगी।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने पुलिस व जिला प्रशासन से निम्नलिखित बिंदुओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है:
फास्ट ट्रैक कोर्ट और फांसी: मामले की गंभीरता को देखते हुए मुकदमे को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर आरोपी को अविलंब फांसी की सजा दिलाई जाए। इस जघन्य अपराध में संलिप्त अपराधी के अवैध निर्माण/घर पर न्यायिक प्रक्रिया के तहत बुलडोजर चलाकर ध्वस्त किया जाए।
आर्थिक सहायता और नौकरी: पीड़ित परिवार को संबल देने के लिए ₹10 लाख की आर्थिक सहायता राशि और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
सुरक्षा की गारंटी: पीड़ित परिवार को तत्काल प्रभाव से पर्याप्त पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाए ताकि क्षेत्र में अमन-चैन कायम रह सके।

