सोनौली/महराजगंज। जन प्रहरी न्यूज़
भारत–नेपाल सीमा स्थित सोनौली बॉर्डर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित हाइड्रोपोनिक गांजा तस्करी के बड़े गिरोह का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। शनिवार सुबह कस्टम विभाग और एसएसबी की संयुक्त कार्रवाई में थाईलैंड से दिल्ली तक फैले ड्रग्स नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से 6.802 किलोग्राम उच्च क्वालिटी का हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया गया।
पकड़ी गई महिला तस्कर समेत तीनों आरोपियों को पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पूछताछ में सामने आया कि दिल्ली निवासी सुल्ताना नामक महिला इस पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी है, जो तस्करों को अपने खर्च पर थाईलैंड बुलाती थी। वहां होटल, खान-पान और अन्य सुविधाएं मुहैया कराकर गांजा लाने का सौदा तय किया जाता था।
आरोपियों ने बताया कि पहले 500 ग्राम गांजा लाने पर एक लाख रुपये देने की बात होती थी, लेकिन अधिक लालच देकर इस बार करीब 6 किलो हाइड्रोपोनिक गांजा तस्करी के लिए सौंपा गया। तस्कर थाईलैंड से काठमांडू पहुंचे, जहां एक अन्य आरोपी ने होटल में ठहराया और एयरपोर्ट से निकलने में मदद की। इसके बाद मैत्री बस सेवा के माध्यम से तीनों के टिकट एक साथ बुक कर गांजा को कपड़ों के बीच छिपाकर तीन बैगों में सोनौली लाया गया।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार गांजे की पैकिंग इतनी पेशेवर थी कि वह स्कैनर मशीन से भी बच निकलने में सफल रहा। हालांकि कस्टम और एसएसबी को मिली सटीक सूचना के आधार पर स्कैनर में पीले रंग के चार एक जैसे संदिग्ध पैकेट दिखने पर तलाशी ली गई। जांच के दौरान तीनों बैगों से सफेद प्लास्टिक पैकेट में पैक 6.862 किलो हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद हुआ।
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि इस उच्च गुणवत्ता वाले गांजे की दिल्ली, हरियाणा और गोवा के रेस्टोरेंट व बार में भारी मांग है। एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
