जन प्रहरी न्यूज़
गोरखपुर। आस्था के सबसे बड़े केंद्रों में शुमार तरकुलहा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच चीख गूंजती थी—“सांप! सांप!” और अगले ही कुछ सेकंड में किसी की चेन, किसी की मंगलसूत्र तो किसी के कानों के झुमके गायब हो जाते थे। भगदड़ और अफरा-तफरी के बीच यह सब इतनी सफाई से होता था कि पीड़ितों को देर से एहसास होता कि वे ठगी का शिकार हो चुके हैं।
गोरखपुर और आसपास के जिलों में दहशत का पर्याय बन चुके 16 सदस्यीय शातिर गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नकली रबर के सांप-छिपकलियां, चोरी के गहने और नगदी बरामद की है।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य पहले मंदिर परिसर की भीड़ और संभावित शिकार की पहचान करते थे। इसके बाद मौका पाकर रबर का सांप या छिपकली भीड़ में फेंक देते थे। अचानक “सांप-सांप” की चीख सुनते ही श्रद्धालुओं में भगदड़ मच जाती थी। इसी अफरा-तफरी के दौरान गिरोह के अन्य सदस्य महिलाओं और बुजुर्गों के गहने पार कर लेते थे।
पूरी वारदात महज 20 से 30 सेकंड में अंजाम दे दी जाती थी। जब तक लोग संभलते, आरोपी भीड़ में गुम हो चुके होते थे।
पुलिस की कार्रवाई
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने मंदिर परिसर और आसपास सादी वर्दी में टीम तैनात की। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई और आखिरकार जाल बिछाकर पूरे नेटवर्क को दबोच लिया गया। पूछताछ में कई अन्य वारदातों का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।
श्रद्धालुओं से अपील
पुलिस ने मंदिरों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही, संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत सूचना देने को कहा है।
आस्था की आड़ में अपराध का यह खेल भले ही कुछ समय तक चलता रहा हो, लेकिन पुलिस की सक्रियता से अब इस गिरोह का पर्दाफाश हो चुका है। जनपद में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
