जन प्रहरी न्यूज़
देवरिया। दिव्या मित्तल के जनता दर्शन में आई एक शिकायत ने जिले के शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया। हाईस्कूल तक मान्यता प्राप्त विद्यालयों द्वारा इंटरमीडिएट (12वीं) में अवैध रूप से दाखिला लेने और बोर्ड परीक्षा फॉर्म भरवाने का मामला सामने आया है। प्रशासन ने दो विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
17 फरवरी को एक छात्रा ने डीएम के जनता दर्शन में शिकायत की कि श्री जगरनाथ राव श्री कृष्ण प्रताप राव उच्च माध्यमिक विद्यालय, सवरेजी खरग महुआडीह के प्रधानाचार्य ने इंटरमीडिएट की मान्यता न होने के बावजूद उसका 12वीं में एडमिशन ले लिया।
नामांकन के बाद उसका बोर्ड परीक्षा फॉर्म मंजूर अली इंटर कॉलेज, करजहां से भरवाया गया, जिसकी मान्यता भी केवल हाईस्कूल तक ही है।
दोनों विद्यालयों के पास इंटर की मान्यता न होने के कारण छात्रा का नामांकन अवैध हो गया और परीक्षा के समय बोर्ड से उसका प्रवेश पत्र जारी नहीं हुआ। नतीजतन, वह परीक्षा नहीं दे पाई और उसका पूरा साल बर्बाद हो गया।
जांच में शिकायत सही पाई गई
मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को जांच के निर्देश दिए। एडीआईओएस के नेतृत्व में गठित जांच समिति ने पाया कि:
बिना मान्यता इंटर कक्षाओं का संचालन किया जा रहा था
विज्ञान वर्ग के छात्रों की परीक्षा दूसरे विद्यालय से संबद्ध दिखाकर कराई जा रही थी
यह शिक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन है
कड़ी कार्रवाई के निर्देश
जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने दोनों विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया।
साथ ही, दोनों विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा गया है कि क्यों न उनकी मान्यता निरस्त कर दी जाए। शिक्षा विभाग को ऐसे मामलों में सख्त निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से जिले के शिक्षा विभाग में खलबली मच गई है।
