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गोरखपुर। फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा, मंगलवार 3 मार्च 2026 को लगने वाला खग्रास चंद्रग्रहण भारत में दिखाई देगा। यह जानकारी ज्योतिषविद यादवेन्द्र पाण्डेय (गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर) ने दी।
पं. पाण्डेय के अनुसार चंद्रोदय के समय ग्रहण का अंतिम चरण भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका सहित हिंद महासागर क्षेत्र में दिखाई देगा। भारतीय मानक समय के अनुसार ग्रहण का स्पर्श दिन में 3 बजकर 20 मिनट पर, मध्य 5 बजकर 4 मिनट पर तथा मोक्ष 6 बजकर 47 मिनट पर होगा।
उन्होंने बताया कि धर्मशास्त्रों के अनुसार चंद्रग्रहण में ग्रहण से पूर्व 9 घंटे का सूतक काल मान्य होता है। सूतक काल में भोजन बनाना और ग्रहण करना वर्जित माना गया है। विशेषकर बालक, वृद्ध और रोगी व्यक्तियों को छोड़कर अन्य लोगों के लिए भोजन निषिद्ध बताया गया है।
पं. यादवेन्द्र पाण्डेय ने श्रद्धालुओं से अपील की कि ग्रहण काल में धार्मिक नियमों का पालन करते हुए जप, तप, दान, स्नान एवं पूजा-पाठ जैसे धार्मिक कृत्य करें। उनका कहना है कि ग्रहण काल में किया गया जप-तप विशेष फलदायी और सिद्धिदायक माना गया है।
