परतावल। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परतावल में तैनात एक कर्मचारी को फोन पर खुद को स्वास्थ्य विभाग के अपर निदेशक (एडी) कार्यालय का अधिकारी बताकर धमकाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद कुछ देर के लिए कर्मचारी सहम गया, लेकिन बाद में जांच में कॉल पूरी तरह फर्जी निकली। मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।
जानकारी के अनुसार, सीएचसी परतावल के कुष्ठ रोग विभाग में कार्यरत कर्मचारी जनार्दन सिंह मंगलवार सुबह करीब 11 बजे अपने कार्यालय में नियमित कार्य कर रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने सख्त और अधिकारपूर्ण लहजे में बात करते हुए खुद को एडी ऑफिस का अधिकारी बताया। फोन पर उसने आरोप लगाया कि तुम बाहरी दवाएं ज्यादा लिख रहे हो, अगर कार्रवाई हो गई तो होश ठिकाने आ जाएगा। अचानक आई इस धमकी से जनार्दन सिंह घबरा गए और कुछ समय तक समझ नहीं पाए कि मामला क्या है। कॉल करने वाला व्यक्ति लगातार दबाव बनाता रहा और भय का माहौल पैदा करने की कोशिश करता रहा। फोन कटने के बाद कर्मचारी ने सतर्कता दिखाते हुए उस नंबर की जांच की। जांच में पता चला कि पूरा खेल एक दवा एजेंट का है। पीड़ित कर्मचारी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से एक दवा व्यवसाई उससे बाहरी दवाएं लिखने का दबाव बना रहा था। जब उन्होंने उसकी बात नहीं सुनी तो वह बागी हो गया। पहले तो उसने सीएचसी अधीक्षक से शिकायत कर कर्मचारी पर दबाव बनाया लेकिन जब सफल नहीं हुआ तो फर्जी फोन करवाकर धमकी दिलवाई।
अधीक्षक डॉ अनिल जायसवाल ने बताया कि मामले की शिकायत मिली है। उक्त मोबाइल नंबर किस व्यक्ति का है इसका पता लगाया जा रहा है। जल्द ही इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
