जांच में खुलासा, झोलाछाप के पास नहीं थी बाल रोग विशेषज्ञ की योग्यता

महराजगंज


बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ होने का दावा कर वर्षों से शोषण करता रहा झोलाछाप
जन प्रहरी न्यूज़ सम्पादक आनन्द कुमार पाण्डेय
परतावल। श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र के नगर पंचायत परतावल में बीते बुधवार को 10 माह की मासूम बच्ची की मौत के मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। जिस झोलाछाप की लापरवाही से बच्ची की जान गई, उसके पास बच्चों के इलाज की कोई वैध योग्यता ही नहीं थी। क्लीनिक के बाहर लगे बोर्ड पर संजय सिंह खुद को बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ बताता था और इसी दावे के आधार पर वर्षों से लोगों को गुमराह कर इलाज करता रहा। मामले की जांच कर रहे आयुर्वेद अधिकारी हरेंद्र जैसवार ने स्पष्ट किया कि संजय सिंह के पास ऐसी कोई डिग्री नहीं है, जिससे वह बाल रोग विशेषज्ञ होने का दावा कर सके। उन्होंने इस दावे को पूरी तरह फर्जी बताया।
          आर्युवेद अधिकारी के अनुसार संजय सिंह का पंजीकरण बीएएमएस डिग्री के आधार पर हुआ है, जिसकी भी अब संबंधित संस्थान से जांच कराई जाएगी। स्थानीय लोगों के मुताबिक संजय सिंह पिछले करीब 20 वर्षों से परतावल बाजार स्थित अपने आवास पर क्लीनिक चला रहा था। धीरे-धीरे उसने क्षेत्र में अपनी पकड़ बना ली थी और दूर-दराज गांवों से भी लोग इलाज के लिए उसके पास पहुंचते थे। आरोप है कि वह बच्चों का इलाज अंग्रेजी दवाओं से करता था, जबकि उसके पास इसके लिए वैध योग्यता नहीं थी। लोगों का यह भी कहना है कि संजय सिंह का क्लीनिक शायद ही कभी बंद रहा हो। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि उसने बीएएमएस की पढ़ाई कब और कैसे पूरी की, जबकि इस कोर्स में चार साल से अधिक का समय लगता है। नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कुछ लोगों ने बताया कि क्लीनिक में बड़ी मात्रा में दवाइयों का भंडारण किया जाता था और वहीं से मरीजों को दवाएं बेची जाती थीं। घटना वाले दिन संजय सिंह के फरार होने के बाद क्लीनिक बंद मिला। कुछ ही देर बाद एक वाहन वहां पहुंचा और अंदर रखा सामान जल्दबाजी में निकालकर ले जाया गया। आशंका है कि क्लीनिक में रखी दवाइयों व अन्य अवैध दस्तावेजों को हटाया गया। मामले के खुलासे के बाद क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है और लोग दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
          आर्युवेद अधिकारी हरेंद्र जैसवार ने बताया कि मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से जारी पत्र प्राप्त हो गया है। जल्द ही टीम जांच के लिए मौके पर पहुंचेगी। संजय सिंह बाल रोग विशेषज्ञ नहीं हो सकते। उनके पास ऐसी कोई डिग्री नहीं है जिससे उन्हें बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ माना जाय।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *