परतावल/महराजगंज। घुघली विकासखंड के पंडितपुर गोड़धोवा स्थित वीपी त्रिपाठी इंटर कॉलेज के संस्थापक प्रबंधक एवं संस्कृत के विद्वान स्वर्गीय विंध्याचल त्रिपाठी की 25वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उनके व्यक्तित्व और शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को याद करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।
विद्यालय के प्रबंधक आशुतोष त्रिपाठी और संरक्षक-संचालक चंद्रमौली त्रिपाठी ने स्वर्गीय विंध्याचल त्रिपाठी के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया। इस दौरान विद्यालय परिवार और क्षेत्र के लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रधानाचार्य कृष्णगोपाल उपाध्याय ने कहा कि समाज के लिए नेक कार्य करने वाले लोग कभी भुलाए नहीं जाते। विंध्याचल त्रिपाठी का सपना क्षेत्र के गरीब, जरूरतमंद और पिछड़े परिवारों के बच्चों तक शिक्षा पहुंचाना था। इसी उद्देश्य से उन्होंने विद्यालय की स्थापना कर शिक्षा की ज्योति जलाई, जिसका प्रकाश आज भी क्षेत्र के विद्यार्थियों के भविष्य को रोशन कर रहा है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय के माध्यम से वर्तमान में इंटरमीडिएट स्तर पर कला और विज्ञान वर्ग की शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे खासकर ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं को दूर-दराज के विद्यालयों में जाने की परेशानी से राहत मिली है।
दिनेश दुबे ने कहा कि विंध्याचल त्रिपाठी गरीबों और वंचितों के सच्चे हितैषी थे। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक बदलाव का माध्यम बनाया और पिछड़े वर्ग के बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर दिया। उनका योगदान क्षेत्र के लोग आज भी सम्मान के साथ याद करते हैं इस अवसर पर संरक्षक चंद्रमौली त्रिपाठी, प्रबंधक आशुतोष त्रिपाठी और कृतिमान त्रिपाठी ने विद्यालय परिसर में पौधारोपण किया। वक्ताओं ने कहा कि पौधारोपण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ पर्यावरण तैयार करने की जिम्मेदारी है। पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल करना भी प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान शैलेंद्र दुबे, श्रीनिवास दुबे, सुरेश दुबे, कृष्ण कुमार दुबे, महेंद्रनाथ दुबे, रामप्रीत पासवान, ओमेश्वर पांडेय, रविकेश गुप्ता, केशरीनंदन, अलाउद्दीन, जय गोविंद, अस्मिता त्रिपाठी, पूनम पटेल, संजना, फरिना, उजाला, बंदना सहित विद्यालय परिवार और क्षेत्र के अनेक लोग मौजूद रहे।
विंध्याचल त्रिपाठी की पुण्यतिथि पर हुआ यह आयोजन उनके शिक्षा के प्रति समर्पण और समाज के वंचित बच्चों के भविष्य को संवारने के संकल्प की याद दिलाता रहा।
