बाराबंकी। उत्तर प्रदेश की राजनीति के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री संग्राम सिंह वर्मा का सोमवार दोपहर निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही बाराबंकी समेत पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। दशकों तक सक्रिय राजनीति में रहकर उन्होंने जिले की सियासत में अपनी अलग पहचान बनाई थी।
94 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
94 वर्ष की आयु में स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें लखनऊ के शेखर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान सोमवार दोपहर करीब 3 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही समर्थकों, जनप्रतिनिधियों और शुभचिंतकों में गहरा शोक फैल गया।
सदर सीट से कई बार रहे विधायक
संग्राम सिंह वर्मा बाराबंकी सदर विधानसभा सीट से कई बार विधायक रहे और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वे पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुरेंद्र वर्मा के बड़े भाई और नगर पालिका चेयरमैन शीला सिंह के जेठ थे। अपने मजबूत जनसंपर्क और सरल स्वभाव के कारण वे जनता के बीच बेहद लोकप्रिय थे।
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में शोक
उनके निधन के बाद जिले के राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में शोक की लहर है। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में नेता, कार्यकर्ता और आम लोग उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं और उनके योगदान को याद कर रहे हैं।
एक युग का अंत
संग्राम सिंह वर्मा का निधन बाराबंकी की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके जाने से एक ऐसे जननेता का अंत हुआ, जिसने वर्षों तक जनता की आवाज बनकर काम किया।
